Dr K K VERMA

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basti, uttar pradesh, India
full name: Dr. Krishna kanhaiya verma qulifications: MA(hindi), B.ed., Phd(hindi), NET(june-2012, december-2012) publications- Do Gazlen(durvadal magazine)

रविवार, 13 अगस्त 2023

दिखता बहुरूपिया है, अपना चौकीदार मदारी है।

 

मेरी एक कविता "साहब" के नाम।
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🌹🌹दिखता बहुरूपिया है,🌹🌹
🌹🌹अपना चौकीदार मदारी है।🌹🌹

देश बदलने आया था वह,
किन्तु बदलता वेश रहा।
बेंच चुका है देश की संपत्ति न,
देश बेंचना शेष रहा।
बेंच दिया है लाल किला,
अब तो संसद की बारी है।
दिखता बहुरूपिया है,
अपना चौकीदार मदारी है।

खाते-पीते देश का यारों,
वह पुख्ता बर्बादी है।
भीतर बसती तानाशाही,
बाहर पहने खादी है।
झूठ बोलकर सत्ता पाई,
झूठ का कारोबारी है।
दिखता बहुरूपिया है,
अपना चौकीदार मदारी है।

हिंदू-मुस्लिम का कुशल खिलाड़ी,
दंगा-फसाद का आदी है,
पुलवामा के रक्त से यारा,
रंजीत उसकी खादी है।
दिल्ली, मणिपुर ,हरियाणा में
उसकी ही मक्कारी है।
दिखता बहुरुपिया है,
अपना चौकीदार मदारी है।

बहनों की लुटती अस्मत पर,
बिल्कुल बहरा हो जाता है।
सच कहने वालों पर शासन का,
तगड़ा पहरा हो जाता है।
झूठों के इस अमृत काल में,
अजब सत्य की दुश्वारी है,
दिखता बहुरूपिया है,
अपना चौकीदार मदारी है।

बाहर बुद्ध की बातें करता,
घर में हिंसा का व्यापार।
कमजोरों का खून चूसता,
बन पूंजीपतियों का यार।
संवैधानिक संस्थानों पर,
दहशत उसकी तारी है।
दिखता बहुरूपिया है,
अपना चौकीदार मदारी है।

खुद काजू की रोटी खाता,
जनता रोटी को मारती।
उस पर टेक्स और महंगाई,
मरे न जानता क्या करती?
हालातों को झुठलाने को,
केवल भाषण जारी है।
दिखता बहुरूपिया है इतना
चौकीदार मदारी है।

देश चाहता बात काम की,
पर वह मन की बात सुनाता है।
हत्या बलात दंगा फसाद पर,
मौन व्रती हो जाता है।
जलती दिल्ली, हरियाणा में
उसकी चुप्पी ही चिंगारी है।
दिखता बहुरूपिया है अपना
चौकीदार मदारी है।

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