Dr K K VERMA

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full name: Dr. Krishna kanhaiya verma qulifications: MA(hindi), B.ed., Phd(hindi), NET(june-2012, december-2012) publications- Do Gazlen(durvadal magazine)

सोमवार, 9 मई 2022

तानाशाही

 🌹🌹"तानाशाही" 🌹🌹


तानाशाही!!

दुर्दांतता, अपराध व

अमानवीयता का चरमोत्कर्ष है।

तानाशाही की स्थापना,

पूरी कायनात की 

नपुंसकता की शर्त पर होती है।

लाखों लोगों, सैनिकों,

गोला बारूद के शेष रहते,

तानाशाही-प्रवृत्ति का विस्तार 

खेद जनक है। 

एक सुनियोजित और 

सधी शहादत का विचार ही,

तानाशाही के खात्मे के लिए काफी है,

ऐसे नए भगत सिंह को

सौ अपराधों की भी माफी है।


तानाशाह,

अति आत्ममुग्ध,

वह व्यक्ति होता है, 

जिसकी नियत गंदी,

और मन अर्ध विक्षिप्त होता है।

व्यभिचार और दुराचरण,

उसकी मूल प्रवृत्ति होती है,


एक तानाशाह,

इंसानियत का सबसे बड़ा दुश्मन है,

तानाशाह का जिंदा रहना,

तीर-कमान से लेकर

परमाणु बम तक की तौहीन है।


तानाशाह,

वहशी और दरिन्दा होता है।

अपने कुकृत्यों पर 

वह कहां शर्मिंदा होता है ?

इंसानियत और धरती का

बोझ रहता है,

जब तक वह जिन्दा होता है।


तानाशाह,

धरती का सर्वाधिक डरने वाला,

कायर प्राणी होता है।

उसका साम्राज्य,

लोगों की बुजदिली पर,

निर्भर होता है,

वरना जिस मौत का खौफ दिखाकर,

वह लोगों को,

अपने आतंक में रखता है,

वही मौत उसकी भी,

सुनिश्चित रहती है।


हमारी-आपकी तरह ही,

तानाशाह के लिए भी,

बंदूक से निकली,

एक ही गोली काफी है,

यदि लोगों के अंदर,

इतना जज्बा बाकी है।

कि वह जीना चाहते हैं,

आजाद जिंदगी ! 

तो एक बार उन्हें,

इस आजादी के खतरे को,

उठाना ही होगा,

इसके इतर नहीं कोई रास्ता,

नहीं काम आने वाली,

कोई और बंदगी।


आज के परमाणु युग में

तानाशाही संपूर्ण धरती के लिए

अभिशाप है,

दुर्भाग्य से दुनिया में,

आज तानाशाही प्रवृत्ति,

विस्तार लेती जा रही,

इस पर ससमय नियंत्रण जरूरी है। 

तानाशाह के हाथों में परमाणु हैं,

महाविनाश की बस एक क्लिक की दूरी है।

बढ़ती वैश्विक तानाशाही-प्रवृत्ति

महाशक्तियों की विफलता है,

शिक्षा, संस्कार और वैज्ञानिक प्रगति की,

यह सबसे बड़ी असफलता है।


तानाशाही अपने साथ,

झूठ,फरेब,आतंक,आत्ममुग्धता,

व्यभिचार-मिथ्याचार 

और परस्वत्वापहरण लाती है।


तानाशाही अपने बाद,

बर्बादी, बदहाली, विध्वंस,

कराह, भूख, लूट, अराजकता,

नीरवता और मौत छोड़ जाती है।


अस्तु------

देश-दुनिया को हमें

तानाशाही से बचाना होगा।

तानाशाही प्रवृति के सत्ताधीशों को,

चुन-चुन कर 

सत्ता से हटाना होगा।


आपका----

डॉ कृष्ण कन्हैया वर्मा

"वर्मा बस्तवी"