यह ब्लॉग साहित्यिक होने के साथ ही, जीवन में सरसता, औत्सुक्य, जिजीविषा और नवीनता का संचार करने वाला है। जीवन के समस्त क्षेत्रों और सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के नवीन और रचनात्मक अन्वेषणों को पूरी वैज्ञानिकता व विश्वसनीयता के साथ वैश्विक जगत को अवगत कराना इसका सबसे बड़ा उद्देश्य है।
Dr K K VERMA
- Dr. Krishna kanhaiya verma
- basti, uttar pradesh, India
- full name: Dr. Krishna kanhaiya verma qulifications: MA(hindi), B.ed., Phd(hindi), NET(june-2012, december-2012) publications- Do Gazlen(durvadal magazine)
शुक्रवार, 10 दिसंबर 2021
उपभोक्तावाद
अनावश्यक उत्पादों का सृजन कर जीवन में तदनुरूप अनावश्यक आवश्यकताओं को विज्ञापनों द्वारा आवश्यक आवश्यकताओं से भी अधिक अपरिहार्य आवश्यकता के रूप में प्रस्तुत करके लोगों का शिकार करना ही उपभोक्तावाद है। यह खुल्लमखुल्ला पूंजीवादी लूट है। जिसमें विज्ञापनों द्वारा पब्लिक के दिमाग को अविवेकी व पंगु बनाकर उसकी जेबों को निशाना बनाया जाता है।
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